मेरा स्कूल safe भी साफ़ भी - 2


मेरा गाँव मेरी दुनिया, यूथ की आवाज़ के साथ मिलकर इस समय महिदपुर तहसील के कुछ गाँवों में स्कूल छोड़ रही और छोड़ चुकी लड़कियों को फिर से स्कूल लाने के लिए एक मुहीम मेरा स्कूल safe भी साफ़ भी पर काम कर रही है. 

हमने 7 गाँव में सर्वे किया और पाया कि मिडिल और हाई स्कूल में पढ़ने वाली अधिकांश लडकियाँ अपने स्कूल में स्वच्छ और पानी की सुविधायुक्त टॉयलेट्स से वंचित है. ज्यादातर स्कूल में टॉयलेट्स तो हैं लेकिन पानी की सुविधा नहीं है जिसके कारण लड़कियों को आम दिनों और पीरियड्स के दिनों में भी कई चुनौतियों का सामना करना पड़ता है. लगभग 90% प्रतिशत लडकियाँ पीरियड्स के दौरान स्कूल जाती ही नहीं हैं; जिससे उनका दैनिक जीवन और पढ़ाई दोनों प्रभावित होते हैं. कुछ स्कूल में टॉयलेट्स उपयोग किये जाने वाली अवस्था में ही नहीं है. सिर्फ 2 स्कूल RTE के सारे प्रावधानों पर खरे उतर पाए.

हम इस मुहीम के द्वारा RTE 2009 में उल्लेखित स्कूल के मापदंडो को लागू करवाने और स्कूल के कैंपस को उन्हीं के आधार पर बनाये जाने के लिए कार्यरत हैं ताकि अपनी पढ़ाई जारी रख सकें और अपना भविष्य ख़ुद संवारें.

आप किसी तरह से कुछ करना चाहते हैं तो हमसे जुडें - 9575341512 | Kamlesh

Comments

Popular posts from this blog

My Experiment With Gratitude

JYOTI BRINGS HER PROGRAM TAKEAWAYS TO HER CLASSROOM

The Age Old Struggle with English